बार बार पेशाब आना: जानिए इसके कारण, रोग की गंभीरता और घरेलू उपचार

बार बार पेशाब आना
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बार बार पेशाब आना (Frequent Urination) एक ऐसी दिक्कत है जिसे हम आमतौर पर नज़र अंदाज कर देते हैं. लेकिन जब परेशानी हद से बढ़ जाती है तो हमें इसकी गंभीरता का अंदाजा होता है. खास तौर पर यह बीमारी बुजुर्गों में अधिक होती है. बहुत से लोगों का मानना है की यह बीमारी बढ़ती उम्र में होना लाजिमी है लेकिन यह भी सही नहीं है. अगर इस बीमारी का समय रहते इलाज नहीं करवाया जाता है तो भविष्य में भारी परेशानी हो जाती है.

बार बार पेशाब आना

वैसे तो बार बार पेशाब आने की दिक्कत बहुत अधिक पानी या तरल पीने से भी हो सकती है. लेकिन जब इन कारणों के बिना भी यह दिक्कत आने लगे तो सावधान हो जाना चाहिए. क्योंकि उस स्थिति में लापरवाही करना आपको गंभीर परेशानी में डाल सकता है. Health Experts के अनुसार अगर एक स्वस्थ आदमी एक दिन में 5 से 8 बार पेशाब करता है तो इसे सामान्य कहा जा सकता है. लेकिन इससे अधिक बार पेशाब आना किसी वह frequent urination का शिकार हो सकता है.

इस समस्या से पीड़ित लोगों को सफर के दौरान, मीटिंग या काम के समय और आराम अथवा नींद के समय बहुत अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है. बार बार पेशाब आना हमारी रोज़मर्रा के जीवन में काफी खलल डालता है जिसकी वजह से हमें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इस तरह की समस्या से बचने के लिए frequent urination को कभी भी हल्के में ना लें. जब भी आपको इसका आभास हो, तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए.

बार बार पेशाब आने के कारण

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  1. मधुमेह – Diabetes

मधुमेह या डायबिटीज (Diabetes) के रोगियों में यह समस्या आम होती है. शरीर में या खून में शुगर को मात्रा बढ़ जाने से यह समस्या उत्पन्न होती है. डायबिटीज से पीड़ित रोगी को रात में भी कई बार पेशाब करने के लिए उठना पड़ता है. जबकि छोटे बच्चे बिस्तर गीला कर देते हैं.

  1. प्रोस्टेट ग्रंथी का बढ़ना – Prostate Enlargement (BPH)

प्रोस्टेट ग्रंथी का बढ़ना भी बार बार पेशाब आने का बड़ा कारण हो सकता है. यह 50 साल से अधिक उम्र के पुरुषों में होने वाली एक आम परेशानी है. समय रहते अगर इसका इलाज नहीं करवाया जाए तो यह बहुत बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है. अगर इस बीमारी को समय रहते पहचान लिया जाए तो इसे ठीक किया जा सकता है, लेकिन अगर इसे नज़रअंदाज़ कर दिया जाए तो समय के साथ-साथ जब प्रोस्टेट बढ़ता चला जाता है. जिसे कई बार सर्जरी से छोटा करना पड़ सकता है.

  1. मूत्रमार्ग में इन्फेक्शन – Urinary Tract Infection

इस स्थिति में बार-बार पेशाब आने के साथ ही पेशाब में जलन भी होती है. मूत्रमार्ग में इन्फेक्शन महिलाओं में काफी आम है लेकिन यह इन्फेक्शन पुरुषों को भी हो सकता है.  वैसे तो इस तरह की दिक्कत होने पर घबराने की कोई बात नहीं होती. क्योंकि समय रहते UTI एंटीबायोटिक्स लेने से ठीक हो जाती है.

  1. किडनी या यूरेट्रिक स्टोन – Kidney or uretic stone

किडनी (Kidney) में पत्थरी (uretic stone) होना भी बार बार पेशाब आने का कारण हो सकता है. अगर समय पर किडनी स्टोन का इलाज न कराया जाए तो ये स्टोन्स बड़े होने लगते हैं. जिससे कई बार मूत्रमार्ग (Urethra) बंद होने जैसी स्थिति भी आ सकती है. जो कई बार बहुत गंभीर हो सकती है.

  1. किडनी में संक्रमण – Kidney infections

किडनी में संक्रमण (Kidney infections) होने पर भी बार-बार पेशाब आना (Frequent Urination) एक आम बात है, इसलिए अगर आपको यह परेशानी है, तो इसकी जांच जरूर कराएं. किडनी में संक्रमण होने की स्थिति में लापरवाही करना आपको किसी बड़ी परेशानी में डाल सकता है.

  1. गर्भावस्था – Pregnancy

गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में कई बदलाव होते हैं, इन्हीं वजह से उन्हें बार बार पेशाब आना जैसे लक्षणों का सामना करना पड़ता है. गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को बार बार पेशाब आना एक आम समस्या हो जाती है. इसके अलावा भी कई बार अत्यधिक दवाओं के सेवन से भी यह परेशानी हो सकती है. क्योंकि प्रेगनेंसी में यूट्रस का साइज सामान्य से कुछ ज्यादा बड़ा हो जाता है. जिसकी वजह से ब्लैडर पर बहुत ज्यादा दबाव बढ़ने लगता है. यही कारण है की गर्भवती महिलाओं को बार बार पेशाब के लिए जाना पड़ता है.

  1. मूत्राशय की अत्यधिक सक्रियता – Excessive Bladder Hyperactivity

बार-बार पेशाब आने का एक बड़ा कारण मूत्राशय की अत्यधिक सक्रियता भी हो सकता है. ऐसी स्थिति में सामान्य रूप से व्यक्ति बार-बार पेशाब करने के लिए प्रेरित होता है. एक बार पेशाब से निवृत हो जाने के बाद भी उन्हें लगता है की अभी पेशाब करने की तलब लगी हुई है. इसके अलावा भी पेशाब करने के बाद संतुष्टि ना हो पाना और बार बार पेशाब करने की इच्छा होने लगती है.

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सावधान- ‘बार बार पेशाब आना’ हो सकता है गंभीर बीमारी का संकेत

बार बार पेशाब आने की बीमारी के साथ ही अगर आपको पेशाब में खून (Blood in urine) आने के लक्षण नज़र आए. पेशाब करते समय आपको जलन या दर्द महसूस हो तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. इस तरह की बीमारी में मूत्राशय (Urinary Bladder) का पूरी तरह से खाली ना होना, पेशाब का दबाव और बगल में दर्द होना या फिर पेशाब पर बिलकुल काबू ना रख पाना.

इसके अलावा पेशाब की धारा का पतला हो जाना, बहुत देर तक पेशाब के इंतजार में बैठे रहने पर भी पेशाब का ना उतरना, पेशाब करते करते उसका अचानक से बीच में रुक जाना और पेशाब निकालने के लिए ज़ोर लगाना इत्यादि ऐसे कुछ कारण है जो आपके सचेत होने के लिए काफी है. अगर आपको भी इस तरह के या इनमें से कोई भी लक्षण नज़र आते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

frequent urination यानि बार बार पेशाब आना का घरेलू उपचार

सबसे पहले तो हम आपको आगाह करना चाहते हैं की जब भी आपको उपरोक्त लक्षण नज़र आए तो अपने नजदीकी किसी कुशल डॉक्टर को दिखायें. क्योंकि किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में आपको लापरवाही भारी पड़ सकती है. यहां हम आपको कुछ घरेलू उपाय बता रहे हैं जिन्हें फॉलो करके आप इस परेशानी से निजात पा सकते हैं. यहां दिये गए किसी भी उपाय के संबंध में Health Tips in Hindi उत्तरदायी नहीं होगा.

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  1. भरपूर मात्रा में पानी पीएं, ताकि किसी प्रकार का इन्फेक्शन (Infection) हो वह भी पेशाब के जरिये निकल जाए.
  2. अपने खाने में हरी पत्तेदार सब्जियाँ, दही, लस्सी या मट्ठा, और फलों के जूस का इस्तेमाल करें.
  3. हरी सब्जियों में पालक, मेथी, तिल और अलसी का रोजाना सेवन करें.
  4. आंवलें का अचार, मुरब्बा और सूखे आंवले का चूर्ण पेशाब संबंधी परेशानी को दूर करने में काफी सहायक होता है.
  5. सूखे आंवलें को पीसकर चूर्ण बनाएं और रोजाना शाम को खाने के बाद इस चूर्ण को गुड़ के साथ खाएं. बार बार पेशाब आने की समस्या में लाभ होगा.
  6. बहुमूत्र की दिक्कत से बचाने में विटामिन सी काफी कारगर होता है. अत: विटामिन सी से भरपूर चीजों का सेवन करें. लगभग सभी खट्टी चीजों में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है.
  7. अपने खाने में अंकुरित डालें, अनाज और गाजर का जूस, गन्ने का जूस और अंगूर का सेवन इस समस्या से निजात पाने के लिए बेहद कारगर उपाय हो सकता है.
  8. Frequent Urination की समस्या में अनार (Pomegranate) बेहद प्रभावशाली उपाय माना जाता है. एक अनार के छिलकों को सुखाकर पीस लें. इसका चूर्ण सुबह शाम गुनगुने पानी के साथ नियमित सेवन करें.
  9. अपने रोजाना के शेड्यूल में उन चीजों को अवॉइड करने की कोशिश करें जो पेशाब को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होती है.
  10. श्रोणि की मांसपेशियों को मज़बूत बनाने के लिए विशेष प्रकार के व्यायाम करना (Exercise) या प्राणायाम (Pranayama) आदि करना.