योग के द्वारा सर्दी से छुटकारा

Take Advantage Of Yoga Types For Cold And Flu

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योग एक ऐसा शब्द जिसका जन्म भारत में हुआ और आज के समय में इस योग को हर कोई ही अपनाना चाहता है क्यों की इस योग के द्वारा हम सब तरह की बीमारियों पर विजय पा सकते है आज के समय में भारत ही नहीं बल्कि विदेशो में भी इसकी मांग बहुत ज्यदा है आज हम आप को बताएँगे की सर्दी से बचने के लिए कौन कौन से योग आसन करे|

  • शवासन प्राणायाम
  • विपरीत करनी
  • मत्स्यासन प्राणायाम
  • हस्तपादासन प्राणायाम
  • कपालभाति प्राणायाम
  • नाड़ी शोधन प्राणायाम (अनुलोम विलोम प्राणायम )

 

.शवासन प्राणायाम

शवासन को ग्रहण ध्यान अवस्था की स्थिति में ले कर ले जाकर शरीर में शक्ति व स्फूर्ति का संचार करता है इससे शरीर में तनाव से मुक्त होता है इसको भी योग के दौरान करना चाहिए जिससे की हमारी शरीर में  बहुत ही उर्जा मिलेगी जो की हमको ठंड से बहुत दूर रखेगी |

अनुलोम विलोम

इस आसन को करने से हमारी सास लेने वाली नासिका खुल जाएगी जिस से की हमको सास लेने में किसी तरह की भी कोई दिक्कत नहीं जो की ज्यदातर सर्दियों में हो जाता है |

 

विपरीत करनी आसन

आप सबसे पहले टांगों को ऊपर की ओर उठाते हुए इस आसन को करे ऐसे ही थोड़ी देर तक इस आसन को 2 या 3 बार करे जिससे की स्वसन तंत्र के रोगों के उपचार में महत्वपूर्ण प्रभाव होता है इससे सिर दर्द व कमर दर्द से मुक्ति मिलती है शरीर को ऊर्जा मिलती है यह आसान सर्दी से ग्रस्त रोगी के मनोबल में वृद्धि करता है |

मत्स्यासन

इस आसन में सबसे पहले आप को लेट जाना है फिर सांस को चोधना और लेना है नाक के जरिये इसके  रहते हुए लंबी और गहरी सांस के अभ्यास करने से सभी प्रकार के स्वास्थ्य संबंधी रोगों व सर्दी जुखाम से छुटकारा मिलता है  इस आसन से गर्दन व कंधों का तनाव दूर होता है जिससे झुके हुए कंधे अपने स्वाभाविक स्वरूप में आ जाते हैं|

हस्तपादासन

सबसे पहले इसमें आप को  खड़े होकर आगे की तरफ झुकना से रक्त का प्रभाव हमारे सिर की तरफ बढ़ता है जो की हमारे शरीर को सर्दी से बचाने में सहायता करता है यह क्रिया सायनस को साफ करती है इस प्राणायाम से हमारा नाडी तंत्र को उर्जा मिलती है तथा शरीर तनाव मुक्त होता है .अगर हमको किसी प्रकार का तनाव नहीं रहेगा तो हमको ये भी सर्दी से बचा सकता है क्यों की आज कल ज्यदातर अगर हम उस चीज़ को सोच लेते है तो ऐसा होता है |

कपालभाती प्राणायाम

इस प्राणायाम में सांस को दोनों पर दबाव बनाते हुए जोर से छोड़ते हैं इसके अभ्यास से हमारी स्वसन नलिका में उपस्थित अवरोध खुल जाते हैं जिससे सांसों का आवागमन आसान हो जाता है इसके अतिरिक्त इस प्राणायाम से हमारे नाड़ी तंत्र स्वस्थ होता है प्रभाव पड़ता है तथा मन प्रसन्न रहता है इस प्राणायम 2 या 3 चक्रों का दिन में दो बार करने से सर्दी में राहत मिलती है तथा शरीर ऊर्जावान बनता है  |